इंदौर: शहर में एसोसिएशन ऑफ म्युनिसिपैलिटीज एंड डेवलपमेंट अथॉरिटीज का एक दल तीन दिवसीय दौरे पर इंदौर आया था. एएमडीए दिल्ली के अध्यक्ष के साथ विभिन्न शहरों के अधिकारी इंदौर के कचरा प्रबंधन मॉडल का अध्ययन करने आए थे. अधिकारियों के उक्त अध्ययन दौरे का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के नगरीय निकायों को इंदौर के उत्कृष्ट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं प्रभावी शहरी प्रशासन मॉडल से अवगत कराना था.
एएमडीए नई दिल्ली द्वारा 30 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक इंदौर में तीन दिवसीय अध्ययन दौरे का आयोजन किया गया था. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड सदस्य सचिव एवं एएमडीए अध्यक्ष गुलजार नटराजन के मार्गदर्शन में तीन दिवसीय दौरे का आज समापन हुआ. अध्ययन दौरे में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश तथा अरुणाचल प्रदेश के 26 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम की विभिन्न स्वच्छता एवं नवाचार योजनाओं का निरीक्षण किया.
अधिकारियों ने राजशाही गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन, जीरो वेस्ट इंदौर जू, केसरबाग आरआरआर सेंटर, गोवर्धन प्लांट, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी, बायो रेमेडिएशन साइट, स्लज हाइजीनाइजेशन प्लांट, वर्षा जल संचयन, डिजिटल गवर्नेंस सिस्टम तथा नागरिक सहभागिता जैसे सफल मॉडलों का अवलोकन कर कार्य प्रणाली को समझा. कार्यक्रम के दौरान अपर आयुक्त प्रखर सिंह तथा स्मार्ट सिटी सीईओ अर्थ जैन ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए इंदौर की स्वच्छता यात्रा, रणनीतिक योजना, नवाचार प्रबंधन तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी. साथ ही नगर निगम की पैनलबद्ध संस्थाओं बेसिक म्युनिसिपल वेस्ट वेंचर्स एवं फीडबैक फाउंडेशन के विशेषज्ञों ने तकनीकी पहलुओं का प्रेजेंटेशन दिया.
दौरे ज्ञान के आदान-प्रदान का माध्यम
एएमडीए के निदेशक-सह -सचिव कल्याण सहाय मीणा ने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन दौरे विभिन्न शहरों के बीच ज्ञान एवं अनुभवों का आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम हैं. इससे सफल मॉडलों को अन्य शहरों में अपनाने में सहायता मिलती है
