बर्द्धन ने सचिवालय में किया ध्वजारोहण

देहरादून, 15 अगस्त (वार्ता) उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस पर सचिवालय में ध्वजारोहण किया।

श्री बर्द्धन ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया और कहा कि यह देश उनका ऋणी है।

उन्होंने कहा कि यह दिन हमें उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, साहस और समर्पण को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने हमें आज़ादी का अनमोल उपहार दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, ये केवल संकल्पना नहीं हैं, बल्कि राज्य इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये कठोर परिश्रम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से समृद्ध और सशक्त उत्तराखण्ड की संकल्पना तेजी से साकार हो रही है। उत्तराखण्ड ने विगत वर्षाे में विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्त्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है, जिसके फलस्वरुप हम सशक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्यों को प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति और युवा शक्ति की अहम् भागीदारी से हमारा प्रदेश सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी की ओर अग्रसर है।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षा के अनुरूप 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए उत्तराखण्ड को मैन्युफैक्चरिंग हब, स्किल हब, आयुष प्रदेश और वैश्विक पर्यटन डेस्टिनेशन बनाने के विजन को साकार करने के लिये हमें कठोर परिश्रम करने की आवश्यकता हैं। पहाड़ी फसलें, मोटे अनाज और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से राज्य की आजीविका को भी बल दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति के लिए यहाँ के छोटे और मझोले किसानों को भी मजबूती देनी आवश्यक है। उन्होंने राज्य के विकास के लिए गर्वनेंस के रिफॉर्म्स और प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए इसकी शुरूवात राज्य सचिवालय और जनपदों से ही किए जाने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने बढ़ती हुई प्राकृतिक आपदाओं के बीच शासन-प्रशासन में कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए एक अभियान चलाने की भी आवश्यकता पर बल दिया।

श्री वर्धन ने कहा कि ऑन-लाइन अनुश्रवण-मूल्यांकन के लिए राज्य में पीएम गति शक्ति पोर्टल (स्टेट) तैयार कर परियोजनाओं यथा कैपिटल असिस्टेंस योजना, मिसिंग लिंक योजना, डैशबोर्ड, सीएम कॉन्क्लेव पीएमजी, प्रगति, ई-समीक्षा, ई-आंकलन, मुख्यमंत्री घोषणा आदि कार्यक्रमों की समीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य सम्पादित किया जा रहा है। आवास विभाग के ऑनलाईन एप्लीकेशन सिस्टम ऐप को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार द्वारा स्टेट बेस्ड सर्विस डिलीवरी प्लेटफार्म के लिये बेस्ट प्रेक्टिस की श्रेणी में नामित किया है। उन्होंने कहा कि वाईब्रेन्ट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के बहुमुखी विकास हेतु केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के जनपद उत्तरकाशी, चमोली तथा पिथौरागढ़ के कुल 51 गांवों का चयन किया गया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में ‘अपुणि सरकार’ परियोजना के अपुणि सरकार पोर्टल को केन्द्र सरकार के प्रशासनिक एवं लोक शिकायत विभाग के फ्रेमवर्क द्वारा देशभर में बेस्ट प्रेक्टिस के रूप में पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य में जल सरक्षण हेतु स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन ऑथोरिटी का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों एवं नदियों का चिन्हीकरण, जल उत्सर्जन में वृद्धि, मापन एवं अनुश्रवण आदि के माध्यम से सतत उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में हाउस ऑफ हिमालय जैसे ब्रांड को विकसित करने का लक्ष्य रखा है। आज मुझे खुशी है हाउस ऑफ हिमालय और वोकल फॉर लोकल जैसे प्रयासों से ग्रामीण विकास एवं आर्थिक विकास को हासिल करने में राज्य सफल होता हुआ दिख रहा है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिवगण, अपर सचिवगण एवं सचिवालय प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

 

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