यश चोपड़ा की आइकॉनिक फिल्म में शाहरुख खान से पहले आमिर थे लीड रोल के लिए चुने गए; एक्टर ने निगेटिव रोल को ‘पॉजिटिव’ बनाने की मांग की, जिसके बाद उन्हें फिल्म से निकाला गया।
मुंबई, 12 जून (वार्ता): बॉलीवुड की आइकॉनिक फिल्म ‘डर’ (Darr), जिसने शाहरुख खान को ‘किंग ऑफ रोमांस’ के साथ-साथ एक बेहतरीन विलेन के तौर पर स्थापित किया, दरअसल उनकी पहली पसंद नहीं थी। फिल्म के निर्देशक यश चोपड़ा और निर्माता पहले इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर के लीड रोल ‘राहुल मेहरा’ के लिए आमिर खान को कास्ट करना चाहते थे, लेकिन आमिर की एक खास शर्त के कारण उन्हें फिल्म से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, और यह भूमिका आखिरकार शाहरुख खान की झोली में आ गिरी।
फिल्म इंडस्ट्री के सूत्रों और पुरानी रिपोर्ट्स के अनुसार, यश चोपड़ा ने ‘डर’ में निगेटिव किरदार के लिए आमिर खान से संपर्क किया था। आमिर को स्क्रिप्ट पसंद आई, लेकिन उन्होंने फिल्म में कुछ बदलाव करने की मांग की। बताया जाता है कि आमिर चाहते थे कि उनका किरदार, जो एक ऑब्सेसिव लवर और स्टॉकर का था, अंत में एक पॉजिटिव शेड ले। उनकी मांग थी कि राहुल मेहरा का किरदार फिल्म के क्लाइमेक्स में बदल जाए और वह एक नायक के रूप में उभर कर सामने आए। यश चोपड़ा, जो अपने विजन के लिए जाने जाते थे, आमिर की इस शर्त से सहमत नहीं थे। उन्हें लगा कि यह फिल्म की मूल कहानी और राहुल के किरदार के अंधेरेपन को कमजोर कर देगा।
यश चोपड़ा ने आमिर की शर्त को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आमिर को फिल्म से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह रोल शाहरुख खान को ऑफर किया गया, जिन्होंने इस किरदार को बखूबी निभाया और इसे अपनी पहचान बना ली। ‘डर’ में उनके डायलॉग ‘क..क..किरण’ और एक जुनूनी प्रेमी के तौर पर उनका अभिनय आज भी दर्शकों को याद है। यह फिल्म शाहरुख के करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई, जबकि आमिर खान ने बाद में भी कई निगेटिव शेड वाले किरदार निभाए, लेकिन ‘डर’ का यह मौका उनके हाथ से निकल गया। यह घटना बॉलीवुड में कास्टिंग के दौरान कलाकारों और निर्देशकों के बीच रचनात्मक मतभेदों का एक क्लासिक उदाहरण बन गई है।

