सेउटा/मैड्रिड, एक अगस्त (वार्ता) स्पेन के इलाके सेउटा में मोरक्को से हजारों प्रवासियों की सामूहिक घुसपैठ के दौरान कम से कम 67 लोगों की मौत हो गई है। स्पेनिश अधिकारियों के अनुसार, इस सप्ताह अवैध रूप से प्रवेश करने का प्रयास करने वाले अनुमानित 50,000 से 60,000 प्रवासियों में से अधिकांश को वापस मोरक्को भेज दिया गया है।
अभूतपूर्व पैमाने पर हुई इस घुसपैठ के बाद स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ को व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायजा लेने के लिए सेउटा जाना पड़ा। वहीं, इटली ने स्पेन से आने वाले यात्रियों पर अस्थायी रूप से सीमा पर जांच शुरू कर दी है और फ्रांस ने भी अपनी सीमाओं पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री सांचेज़ ने यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों की आपातकालीन बैठक बुलाने का भी आह्वान किया है।
सेउटा के अधिकारियों के अनुसार, समुद्र और ज़मीन के रास्ते एक साथ हज़ारों लोगों द्वारा सीमा सुरक्षा को पार करने की कोशिश के दौरान कई लोग डूब गए। गौरतलब है कि यह इलाका मोरक्को में ही है और वहां स्पेन का कब्जा है।
स्पैनिश अधिकारियों ने अवैध रूप से प्रवेश करने वालों को जल्द से जल्द वापस भेजने का संकल्प जताया है, हालांकि स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले के तहत समुद्र के रास्ते सेउटा और मेलिला पहुंचने वाले प्रवासियों की तत्काल वापसी पर रोक लगाई गई थी।
भोजन और आश्रय की कमी के कारण शुक्रवार तक कई प्रवासी स्वेच्छा से वापस लौटने लगे थे। इनमें से सैकड़ों लोग आधिकारिक सीमा चौकियों और बाड़ के अंतरालों से वापस लौट गए। स्पेन के गृह मंत्रालय के अनुसार, गुरुवार सुबह से लगभग 50,000 लोगों ने सेउटा में प्रवेश किया था, जबकि स्थानीय सरकार ने यह संख्या लगभग 60,000 बताई थी।
प्रधानमंत्री सांचेज़ ने इस घटना को “स्पेन की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन” करार दिया और कहा कि देश के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मानव तस्करी नेटवर्क द्वारा फैलाई गई अफवाहों के कारण यह संकट पैदा हुआ है।
लगभग 84,000 की आबादी वाले सेउटा शहर पर इस अचानक आए दबाव के कारण स्पेन और पूरे यूरोप में राजनीतिक बहस छिड़ गई है। इटली ने हवाई और समुद्री मार्ग से स्पेन से आने वाले गैर-यूरोपीय संघ के नागरिकों की जांच शुरू कर दी है। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि यूरोपीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक था।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ नियमों का पालन किए बिना लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं दे सकता। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने भी स्पेन से लगी सीमा पर अतिरिक्त जांच की पुष्टि की।
वहीं, अमेरिका के विदेश विभाग ने स्पेन की आव्रजन नीति की आलोचना करते हुए इसे ढिलाई का नतीजा बताया। स्पेन की सुदूर-दक्षिणपंथी पार्टी ‘वॉक्स’ के नेता सेंटियागो अबास्कल ने प्रधानमंत्री सांचेज़ पर देश से विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
