
सारनी। क्षेत्रीय महाप्रबंधक ने सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।पाथाखेड़ा में आगामी मानसून एवं विद्युत उत्पादन की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वेकोलि पाथाखेड़ा क्षेत्र ने कोयला संप्रेषण बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। क्षेत्रीय महाप्रबंधक जितेंद्र कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सुरक्षित उत्पादन, उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं अधिकतम कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में 31 जुलाई 2026 को क्षेत्रीय महाप्रबंधक जितेंद्र कुमार गुप्ता ने मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह (एसटीपीएस), सारनी पहुंचकर मुख्य अभियंता (उत्पादन) सुशील कुमार लिल्हारे एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में महाप्रबंधक (संचालक) आर.के. प्रसाद तथा क्षेत्रीय विक्रय प्रबंधक मनोज चौरसिया भी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान गुप्ता ने अगस्त एवं सितंबर माह के दौरान कोल-स्टॉक का पूर्ण लिक्विडेशन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि वेकोलि द्वारा विशेष ‘कोल-स्टॉक लिक्विडेशन अभियान’ चलाया जा रहा है, जिसके तहत अधिक से अधिक ट्रकों एवं ट्रिपल वाहनों के माध्यम से कोयले की ढुलाई बढ़ाकर निर्बाध एवं समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने एसटीपीएस प्रबंधन से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी वेकोलि पाथाखेड़ा क्षेत्र का सबसे बड़ा कोयला उपभोक्ता है, जहां पाथाखेड़ा क्षेत्र में उत्पादित कोयले की सर्वाधिक मात्रा भेजी जाती है। ऐसे में दोनों संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से न केवल कोयला संप्रेषण में तेजी आएगी, बल्कि प्रदेश में विद्युत उत्पादन की निरंतरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।वेकोलि प्रबंधन का यह प्रयास कोयला आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आगामी दिनों में बिजली उत्पादन प्रभावित हुए बिना ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
