नयी दिल्ली, 31 जुलाई (वार्ता) मालदीव मोनेटरी अथॉरिटी (एमएमए) ने वहां की तत्काल भुगतान प्रणाली ‘फवारा’ और भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के बीच एकीकरण के सफल शुभारंभ की घोषणा कर दी है और इस तरह देनों देशों के लोगों के लिए परस्पर मोबाइल लेन-देन करने की सुविधा शुरू हो गयी है। वित्त मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि 30 जुलाई फवारा और यूपीआई प्रणालियों का समन्वय सफल होने की घोषणा की। यह मालदीव और भारत के बीच सीमा पार डिजिटल वित्तीय संपर्क और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में एक रूपांतरकारी उपलब्धि बतायी गयी है।
इस नई सेवा के तहत मालदीव के व्यक्ति फवारा का उपयोग करके भारत में लाभार्थियों को रियल-टाइम में धनराशि भेज सकते हैं। लेनदेन मालदीवियन रुफिया (एमवीआर) में शुरू होता है और यूपीआई के माध्यम से प्राप्तकर्ताओं के खाते में भारतीय रुपये (आईएनआर) में जमा होता है। प्रारंभिक चरण में यह सेवा दो स्थानीय बैंकों – बैंक ऑफ मालदीव पीएलसी और मालदीव इस्लामिक बैंक पीएलसी – की भागीदारी के साथ शुरू की गयी है। इन बैंकों के ग्राहक अपने मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन और फवारा पेमेंट रेल का उपयोग करके भारत में यूपीआई-सक्षम बैंक खातों में सीधे व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) हस्तांतरण शुरू कर सकते हैं। अनुमत प्रेषण श्रेणियों में फॉरेन इनवार्ड और फॉरेन आउटवार्ड रेमिटेंस दोनों के अंतर्गत परिवार के भरण-पोषण से संबंधित प्रेषण, साथ ही फॉरेन आउटवार्ड रेमिटेंस के अंतर्गत अनुमत उपहार से संबंधित प्रेषण शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि फवारा-यूपीआई एकीकरण के लिए समझौता एनआईपीएल और एमएमए के बीच पिछले साल जुलाई में किया गया था। परीक्षण, प्रमाणीकरण, ऑनबोर्डिंग और लाइव सत्यापन के लिए 10 दिनों की त्वरित समयसीमा के बाद, कॉरिडोर पूरी तरह से परिचालन के लिए तैयार हो गया। इसके अगले चरण में क्यूआर-आधारित व्यापारी भुगतान और अन्य नवीन डिजिटल भुगतान सेवाओं सहित अतिरिक्त सीमा-पार भुगतान उपयोग के मामलों को पेश किया जाएगा, जिससे मालदीव और भारत के बीच आर्थिक और वित्तीय संबंध और सुदृढ़ होंगे। यूपीआई इससे पहले नौ देशों में स्वीकार किया जा चुका है। इनमें कंबोडिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका शामिल हैं।

