जबलपुर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर सभी विभागों के सहयोग से चले इस अभियान के माध्यम से दो लाख से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचा। विद्यार्थियों और नागरिकों से अपील की कि नशे के अवैध कारोबार या गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें, ताकि नशे की पूरी श्रृंखला पर प्रभावी कार्रवाई हो सके। यह बातें महापौर बहादुर सिंह अन्नू ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से 15 जुलाई से 30 जुलाई तक संचालित जन-जागरूकता अभियान नशे से दूरी है जरूरी 2.0 के भंवरताल गार्डन स्थित संस्कृति थिएटर में आयोजित समापन कार्यक्रम के दौरान कहीं।इस अवसर पर अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं का सम्मान किया गया। विधायक अशोक रोहाणी ने कहा कि यह अभियान 15 दिनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने युवाओं और नागरिकों से क्यूआर कोड के माध्यम से नशे से संबंधित सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
पूरे वर्ष नशे के खिलाफ होगी कार्यवाही: डीआईजी
डीआईजी अतुल सिंह ने कहा कि अभियान के दौरान समाज से मिले सहयोग और जानकारियों के आधार पर पूरे वर्ष नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति और महिला सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़े विषय हैं तथा इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों और मीडिया का सराहनीय सहयोग मिला है। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने कहा कि अभियान भले ही समाप्त हो रहा है, लेकिन इसकी भावना निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा जारी क्यूआर कोड के माध्यम से कोई भी नागरिक नशे से जुड़े अवैध कारोबार की गोपनीय सूचना पुलिस को दे सकता है। उपयोगी सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा।
150 कार्यक्रम हुए आयोजित
कार्यक्रम में बताया गया कि अभियान के दौरान 150 से अधिक छोटे-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से दो लाख से अधिक लोगों को जागरूक किया गया। जिसमें रैलियां, नुक्कड़ नाटक, मानव श्रृंखला, नशा मुक्ति शपथ, खेल गतिविधियां, स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम, सोशल मीडिया अभियान तथा एनडीपीएस एवं कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की गई। साथ ही ड्रग हॉटस्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
