सतना : दिव्यांग पीडि़ता के साथ सामूहिक दुष्कर्म के ङ्क्षचहित जघन्य अपराध में शामिल तीनों आरोपियों को घटना के डेढ़ वर्ष बाद न्यायालय द्वारा 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास का दण्डादेश पारित कर दिया गया. सजा के साथ-साथ तीनों आरोपियों पर 6-6 हजार का अर्थदण्ड भी अधिरोपित किया गया. इसी कड़ी में पीडि़ता को प्रतिकर दिलाए जाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया गया है.
अभियोजन से प्राप्त जानकारी के अनुसार तृतीय जिला सत्र न्यायाधीश मैहर के न्यायालय द्वारा दिव्यांग पीडि़ता के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले 3 आरोपियों श्रीराम कोल, सूरज कोल और लेद्दू कोल भरतीय न्याय संहिता की धारा 64-2, 70-1 और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2018 के अंतर्गत दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई. इसके साथ ही तीनों आरोपियों के विरुद्ध 6-6 हजार रु का अर्थदण्ड भी अधिरोपित किया गया.
अभियोजन प्रवक्ता के अनुसार घटना जनवरी 2025 की है जब शाम के शाम दिव्यांग पीडि़ता जन्मदिन की पार्टी में पड़ोस में गई थी. काफी देर बाद उसे निकट स्थित एक निमार्णाधीन मकान में बेसुध अवस्था में पाया गया था. बाद में होश आने पर उसने परिजनों को बताया कि उसका मुंह दबाकर और हाथ बांधकर दो लोग उसे जबरदस्ती उठा ले गए. जहां पर श्रीराम, सूरज और लेद्दी द्वारा उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया. घटना की शिकायत होने पर बदेरा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अभियोग पत्र प्रस्तुत होने के बाद न्यायालय के समक्ष मामले की सुनवाई शुरु हुई.
विचारण में सही मिले आरोप
प्रकरण में अभियोजन का संचालन करने वाले अभियोजन अधिकारी नरेंद्र कुमार उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोप को प्रमाणित करने के लिए एक ओर जहां 20 साक्षियों के कथन कराए गए. वहीं दूसरी ओर 67 दस्तावेज, 13 सामग्रियों और वैज्ञानिक प्रकृति के साक्ष्य प्रस्तुत किए गए. अभियोजन और बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत तर्क और साक्ष्य का समग्र मूल्यांकन करते हुए न्यायालय द्वारा आरोपों को सही पाया गया.
प्रतिकर के निर्देश
आरोपियों से वसूले जाने वाले अर्थदण्ड को अपील अवधि के पश्चात पीडि़ता को सौंपे जाने का आदेश न्यायालय द्वारा दिया गया है. इसके साथ ही पीडि़ता के भविष्य को देखते हुए उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पुनर्वास एवं भविष्य की आवश्यकताओं के लिए अलग से प्रतिकर की व्यवस्था सुश्चित करने का प्रयास भी किया गया. इसके लिए सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण सतना को पीडि़त प्रतिकर योजना 2018 के अंतर्गत प्रतिकर दिलाए जाने के लिए निर्देशित किया गया है.
