
छतरपुर। जिले की कमान संभालने के बाद नवागत पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने कंट्रोल रूम में अपनी पहली औपचारिक क्राइम मीटिंग आयोजित की। इस बैठक के माध्यम से एसपी ने जिले के पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिचय के साथ प्राथमिकताओं पर चर्चा
बैठक का शुभारंभ जिले के सभी एसडीओपी (SDOP), थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के परिचय के साथ हुआ। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। एसपी ने सभी अधिकारियों से उनके कार्यक्षेत्र की भौगोलिक और आपराधिक स्थिति की जानकारी ली।
लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश
बैठक के दौरान जिले में घटित हालिया अपराधों की गहन समीक्षा की गई। एसपी ने लंबित विवेचनाओं और पुराने वारंटों की तामीली को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो।
जनता से बढ़ेगा पुलिस का संवाद
एसपी रजत सकलेचा ने अपनी कार्यशैली से अवगत कराते हुए कहा कि पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘जनसंवाद’ सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
आमजन की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण किया जाए।
थाने आने वाले हर फरियादी की सुनवाई सम्मानजनक तरीके से हो।
क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और गश्त बढ़ाई जाए ताकि कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई पर जोर
बैठक में स्पष्ट किया गया कि महिला संबंधी अपराधों और गंभीर वारदातों में पुलिस बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे। नवागत एसपी के इस सख्त रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में जिले की पुलिसिंग में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
