
इरशाद खान
मक्सी, नगर परिषद मक्सी में नर्मदा जल प्रदाय परियोजना के तहत चल रहे पाइपलाइन निर्माण कार्य को लेकर वार्ड क्रमांक 12 के रहवासियों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले लगभग 70 लाख से 80 लाख रुपए की लागत से डाली गई पाइपलाइन का लाभ जनता को नहीं मिला और अब दोबारा लाखों रुपए खर्च कर नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है. ऐसे में जनता के खून-पसीने की कमाई से खर्च हुए सरकारी धन की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
रहवासियों का आरोप है कि वर्तमान में ठेकेदार द्वारा कई स्थानों पर टूटे एवं पुराने पाइपों के टुकड़ों को जोडक़र पाइपलाइन बिछाई जा रही है. लोगों का कहना है कि यदि भविष्य में इन जोड़ों से लीकेज हुआ, तो आसपास की नालियों और सीवरेज का दूषित पानी पेयजल लाइन में प्रवेश कर सकता है, जिससे बड़ी स्वास्थ्य समस्या खड़ी हो सकती है. स्थानीय नागरिकों और पार्षद प्रतिनिधि ने इंदौर के चर्चित भागीरथपुरा गंदे पानी कांड का हवाला देते हुए आशंका जताई है कि यदि पाइपलाइन कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, तो मक्सी में भी वैसी ही स्थिति निर्मित हो सकती है.
नाले की खुदाई से क्षतिग्रस्त हो गई पाइपलाइन
स्थानीय रहवासियों के अनुसार क्षेत्र में कई दिनों से गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं. सडक़ें बाधित होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है. वहीं स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कुछ राहगीर तो गड्ढे में गिर भी गए. गनीमत रही के किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई. रहवासियों का आरोप यह भी है कि नाले की खुदाई के दौरान वर्तमान में संचालित पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है. इसके चलते पिछले चार-पांच दिनों से कई क्षेत्रों में नलों से पानी की आपूर्ति ठप है, जिससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है.
तकनीकी जांच की मांग
रहवासियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा एक-दो दिन में कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी काम अधूरा पड़ा हुआ है. हाजी जाहिद पठान, सलमान पठान, फहीम पठान, अजीज मंसूरी, मजीद मंसूरी, सलाउद्दीन, गौरव पाटीदार, नितिन पाटीदार, नौशाद पठान सहित अन्य रहवासियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तकनीकी जांच की मांग की है. उनका कहना है कि पहले लाखों रुपए की योजनाएं जमीन में दफन हो गई और अब फिर से लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं. यदि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हुआ, तो इसका खामियाजा फिर से आम जनता को भुगतना पड़ेगा.
आपत्ति के बाद रुकवाया काम
पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि क्षेत्र के रहवासियों ने इस कार्य पर आपत्ति दर्ज कराते हुए मक्सी नगर परिषद सीएमओ ऋतु पुरोहित को शिकायत भी की है. पार्षद प्रतिनिधि के अनुसार पहले भी लगभग 70 से 80 लाख रुपए की लागत से पाइपलाइन डाली गई थी, लेकिन उसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया. अब पुन: लाखों रुपए खर्च कर नई लाइन डाली जा रही है, जबकि मौके पर पुराने पाइपों के टुकड़ों का उपयोग किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. उन्होंने बताया कि रहवासियों की आपत्ति के बाद पाइपलाइन की फिटिंग का कार्य रुकवाया गया है तथा नगर परिषद सीएमओ को मामले से अवगत कराया गया है. सीएमओ द्वारा इंजीनियर से जांच कराने का आश्वासन दिया गया है. जब इस संबंध में नवभारत संवाददाता ने मक्सी नगर परिषद सीएमओ ऋतु पुरोहित से दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर पक्ष जानना चाहा, तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया.
पार्षद प्रतिनिधि ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल
वार्ड क्रमांक 12 के पार्षद प्रतिनिधि मुकीम खान ने नर्मदा परियोजना के तहत चल रहे पाइपलाइन निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पुरानी एवं टूटे-फूटे पाइपों के टुकड़ों का उपयोग कर लाइन बिछाई जा रही है, जिससे भविष्य में लीकेज और दूषित पानी की समस्या उत्पन्न हो सकती है. मुकीम खान ने कहा कि यदि पाइपलाइन में जगह-जगह जोड़ लगाकर कार्य किया गया, तो इंदौर के चर्चित भागीरथपुरा गंदे पानी कांड जैसी स्थिति निर्मित होने का खतरा बना रहेगा.
