नयी दिल्ली, 30 जुलाई (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय के रांची क्षेत्रीय कार्यालय ने अवैध कोयला खनन, कोयला तस्करी, रंगदारी वसूली और धन शोधन से जुड़े मामलों में धनबाद जिले में एक बड़ा अभियान चला कर करोड़ों रूपये की चल अचल संपत्ति को जब्त कर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय की जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई मंगलवार को धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत अनिल गोयल, एलबी सिंह, हरेंद्र चौहान और उनके सहयोगियों, रिश्तेदारों तथा उनकी संस्थाओं के 31 ठिकानों पर की गई। ईडी ने झारखंड पुलिस ने इन व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज विभिन्न प्राथमिकियों के आधार पर जांच शुरू की है, जिनमें अवैध खनन, चोरी के कोयले की तस्करी और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस इन मामलों में आरोप-पत्र भी दायर कर चुकी है।
ईडी की जांच में पाया गया कि आरोपियों ने बड़ी मात्रा में ‘अपराध से अर्जित आय’ हासिल की। इस काली कमाई को वैध साबित करने के लिए कई संस्थाओं और लोगों के जरिए धन को इधर-उधर किया गया और बाद में इस रकम से चल व अचल संपत्तियां खरीदी गईं। छापेमारी के दौरान ईडी ने मुख्य आरोपी एलबी सिंह के लगभग 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया और 1.02 करोड़ रुपये की गैर-हिसाबी नकदी जब्त की। इसके अलावा 200 से अधिक संदिग्ध अचल संपत्तियों के दस्तावेज, कई डिजिटल डिवाइसेस और बुक ऑफ अकाउंट्स समेत कई अहम सबूत बरामद किए गए हैं। इससे पहले नवंबर 2025 में भी अनिल गोयल, एलबी सिंह व उनसे जुड़े ठिकानों पर ईडी की छापेमारी हुई थी। मामले की जांच जारी है।

