वाशिंगटन, 29 जुलाई (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन में अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर किये गये ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान को इसका गंभीर परिणाम भुगतना होगा।
श्री ट्रंप ने मंगलवार के हमले के जवाब में फॉक्स न्यूज से बातचीत में अमेरिका की ओर से निर्णायक और आक्रामक कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को “करारा जवाब” देगा और उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया कि उसने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा किये गये कथित “अचानक हमले के प्रयास” को विफल कर दिया।
सेंटकॉम के अनुसार, ईरान ने मंगलवार को जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे और कमांड सेंटर को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिका और जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणालियों ने सभी मिसाइलों को मार गिराया, जिससे अमेरिकी सैनिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच कई सप्ताह से जारी सैन्य तनाव के बाद बने अस्थायी विराम को समाप्त करने वाला साबित हुआ। इससे पहले इसी महीने जॉर्डन में हुए एक अन्य ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलवार के हमले के जवाब में अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान समर्थित अर्धसैनिक संगठन पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए। इन हमलों में कथित तौर पर संगठन के रसद और हथियार भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 20 लड़ाके मारे गए और कई अन्य घायल हुए।
रिपोर्ट के अनुसार, यह ताजा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लागू किये हुए है। सेंटकॉम ने कहा कि इस अभियान के तहत क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत तैनात हैं और अमेरिकी बलों ने ईरान की ओर जा रहे कई वाणिज्यिक जहाजों को रोका, निष्क्रिय किया या उनका मार्ग बदल दिया है।
