हंगामे के बीच लोकसभा में पास हुआ लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 

नई दिल्ली, संसद के मानसून सत्र के दौरान आज लोकसभा में छात्रों और परीक्षाओं की शुचिता से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक,2026 भारी हंगामे के बीच ध्वनि मत से पारित कर दिया गया. हालांकि इस विधायी प्रक्रिया के दौरान सदन के भीतर और बाहर भारी राजनीतिक बहस और तीखा टकराव देखने को मिला. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आक्रामक तेवर और सत्ता पक्ष के भारी हंगामे के बाद लगातार कार्यवाही स्थगित होने के बाद अंत में विपक्ष के वॉकआउट ने दिनभर संसदीय पारे को गर्म रखा.

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू किया, जिससे सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा. दोपहर बाद जब केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा इस विधेयक को चर्चा और पारित करने के लिए पटल पर लाया गया, तब बहस ने एक नया रूप ले लिया.

चर्चा में भाग लेते हुए राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर सीधे प्रहार किए. उन्होंने नीट पेपर लीक विवाद के बाद हुए देशव्यापी छात्र आंदोलनों को सही ठहराते हुए कहा कि छात्रों का गुस्सा पूरी तरह से जायज है. उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शिक्षा प्रणाली पर कब्जा कर लिया है और सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे आरोप लगाया कि उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने के आदेश दिए. इस टिप्पणी पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा प्रतिवाद किया और उनसे सबूतों की मांग की. हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी के कुछ विवादित शब्दों को सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया. इसके बाद सत्ता पक्ष द्वारा आरोप सिद्ध करने या माफी मांगने की बात ने टकराव को और बढ़ा दिया. हालांकि कई बार सदन की कार्रवाई स्थगित करने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों को अलग से बुलाकर सुलह की कोशिश की. उसके बाद कार्रवाई आरंभ होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा करते हुए मत विभाजन के समय वॉकआउट कर दिया और विधेयक ध्वनि मत से पास हो गया.

इसके बाद कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी ने मीडिया के सामने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विजुअल्स दिखाते हुए पूछा कि गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली पुलिस को छात्रों पर बल प्रयोग की अनुमति किसने दी? उन्होंने आरोप लगाया कि जब संसद के भीतर विपक्ष का नेता छात्रों के हक और पेपर लीक का सच सामने रखता है, तो सत्ता पक्ष सोची-समझी रणनीति के तहत हंगामा करके उनकी आवाज दबा देता है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे घटनाक्रम और देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के मुद्दे पर देश से माफी मांगने की मांग की.

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