भोपाल। पेट्रोल पंपों पर घटतौली, ईंधन की गुणवत्ता और उपभोक्ता सुविधाओं को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर के निर्देश पर 8 एसडीएम और 8 तहसीलदारों की टीमों का गठन किया गया है, जो अगले 7 दिनों तक शहर के करीब 200 पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करेंगी।
जांच के दौरान 5 लीटर के प्रमाणित माप से पेट्रोल और डीजल की मात्रा की जांच की जाएगी। साथ ही ईंधन के सैंपल लेकर उसकी गुणवत्ता भी परखी जाएगी, ताकि ग्राहकों को सही मात्रा में और शुद्ध ईंधन मिल सके।
टीमें यह भी देखेंगी कि पेट्रोल पंपों पर पीने का पानी, शौचालय, फर्स्ट एड बॉक्स, शिकायत रजिस्टर, अग्निशमन उपकरण और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
हाल ही में एक कार में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक पेट्रोल भरने के दावे के बाद यह मामला चर्चा में आया था। इसके बाद प्रशासन ने जांच अभियान तेज करने का फैसला लिया। अधिकारियों को तय समय में अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यदि जांच के दौरान किसी भी पेट्रोल पंप पर घटतौली, मिलावट या अन्य अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित संचालक के खिलाफ नोटिस जारी कर नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और पेट्रोल पंपों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
