
इंदौर: शहर में नगर निगम द्वारा रतलाम कोठी और योजना 54 के ईएच सेक्टर में घटिया सड़क निर्माण करने का खुलासा हुआ है. उक्त इलाकों में नगर निगम ने 85 लाख रुपए की लागत से सड़क निर्माण किया था, लेकिन सड़कें उखड़ गई. इसकी शिकायत क्षेत्रीय पार्षदों ने जनकार्य प्रभारी को की. इसके बाद मौका मुआयना करने पर शिकायत सही पाई गई.
शहर में हमेशा की तरह सड़क निर्माण को लेकर सवाल उठते हैं. इस बार भी रहवासियों ने क्षेत्रीय पार्षदों को घटिया निर्माण करने को लेकर निगम को कटघरे में खड़ा कर दिया है. घटिया निर्माण की पहली शिकायत पार्षद पंखुड़ी डोसी ने रतलाम कोठी क्षेत्र में 62 लाख की लागत से बनी सड़क की बताई. उक्त सड़क ठेकेदार सतीश हटकर ने बनाई थी. इसी तरह पार्षद पूजा पाटीदार ने योजना 54 ईएच सेक्टर में 15 लाख की लागत से बनी घटिया सड़क को लेकर शिकायत की.
उक्त सड़क केपी कंस्ट्रक्शन ने बनाई थी. नगर निगम के खिलाफ सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों और निर्माण एजेंसी एवं संबंधित इंजीनियर की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. दोनों शिकायत का जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने मौका निरीक्षण किया, जिसमें सड़क के सरफेस उखड़ गए है. इस पर प्रभारी राजेंद्र राठौर ने निगम आयुक्त को सूचित कर कार्रवाई करने का कहा है. साथ ही निरीक्षण के दौरान सड़क की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत होने पर निर्माण सामग्री का मोबाइल टेस्टिंग लैब में सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया. जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने शिकायत सही पाए जाने को लेकर कहा है कि ठेकेदार, उपयंत्री और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई होगी. निगम आयुक्त को भुगतान पर रोक, ब्लैक लिस्टेड करने और पेनल्टी लगाने का पत्र भेजा जाएगा.
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि लैब जांच में सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता की पुष्टि होती है, तो संबंधित निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी.
रहवासियों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क का कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है. उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसकी वजह से सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई
