
भोपाल। अरेरा कॉलोनी के आवासीय भूखंडों पर कथित अवैध व्यावसायिक निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के विरोध में रहवासियों द्वारा शुरू किया गया अभियान अब शहर के अन्य आवासीय क्षेत्रों तक पहुंच गया है। विभिन्न कॉलोनियों के रहवासी संगठनों ने इस मुहिम का समर्थन करते हुए चेतावनी दी है कि यदि आवासीय क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन नहीं रोका गया तो भोपाल का नियोजित आवासीय स्वरूप गंभीर रूप से प्रभावित होगा।
अरेरा कॉलोनी में आयोजित बैठक में गौतम नगर, रचना नगर, शाहपुरा, त्रिलंगा और गुलमोहर कॉलोनी के प्रतिनिधियों ने आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया। बैठक में आरोप लगाया गया कि बार-बार शिकायतें, जनसुनवाई और न्यायालय के निर्देशों के बावजूद भोपाल नगर निगम अवैध निर्माणों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है।
याचिकाकर्ता पूर्णेंदु शुक्ला ने कहा कि कार्रवाई में ढिलाई के कारण अवैध निर्माणों को बढ़ावा मिला है। वहीं विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अन्य शहरों में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई हुई, लेकिन भोपाल में उसी गंभीरता से अमल नहीं किया गया।
रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि 4 अगस्त को उच्चतम न्यायालय में प्रस्तावित सुनवाई से पहले नगर निगम केवल औपचारिकता निभाने के लिए नोटिस जारी कर रहा है। नीरज गुलाटी ने बताया कि अरेरा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स एसोसिएशन न्यायालय के पूर्व आदेशों के कथित उल्लंघन को लेकर अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है।
बैठक में शुभ्रा श्रीवास्तव और मयंक नागर सहित अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि आवासीय क्षेत्रों की सुरक्षा, कानून के शासन और नागरिकों के नियोजित एवं व्यवस्थित जीवन के अधिकार की रक्षा के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
