गुना: राष्ट्रव्यापी ‘गौ सम्मान आव्हान अभियान’ के तहत सोमवार को गुना शहर में गौसेवकों द्वारा एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। शहर के मानस भवन से शुरू हुई इस रैली में विभिन्न धर्मगुरुओं, गौसेवक संगठनों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।रैली मानस भवन से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची।
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर ज्ञापन सौंपने के दौरान कुछ समय के लिए अजीब स्थिति पैदा हो गई। दरअसल, ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम शिवानी पांडे बाहर आई थीं। इस पर गौसेवकों के बीच दो राय बन गई—कुछ लोग एसडीएम को ज्ञापन देने के पक्ष में थे, तो वहीं अधिकांश का मानना था कि विषय अत्यंत गंभीर और महत्वपूर्ण है, इसलिए कलेक्टर को स्वयं ज्ञापन लेने आना चाहिए।
इस बात को लेकर लगभग 30 मिनट तक बहस और असमंजस का दौर जारी रहा। स्थिति को देखते हुए अंततः कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल स्वयं अपने दफ्तर से बाहर आए और गौसेवकों से ज्ञापन स्वीकार किया। गौसेवकों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से दो बड़ी मांगें रखी गई हैं जिनमें गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने और गौवध पर कड़ा कानून बनाकर देशभर में इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना शामिल है।
गौसेवकों ने बताया कि गौवंश के सम्मान के लिए यह अभियान 27 अप्रैल से शुरू किया गया था। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देशभर की 5,100 तहसीलों में लाखों नागरिकों के डिजिटल हस्ताक्षर कराए गए हैं, जिसकी डिजिटल प्रति राष्ट्रपति, राज्यपाल और राज्य सरकार को भेजी गई है। अकेले गुना जिले से 1 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर इस अभियान को अपना समर्थन दिया है।
