सुरक्षाबलों के शौर्य को एडीजीपी ने सराहा, अधिकारी की पीठ थपथपाई

जबलपुर:खूंखार नक्सली सुनीता के सरेंडर के बाद इंसास राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद हुई बरामदगी मामले में एडीजीपी के. पी. वेंकटेश्वर राव ने सुरक्षाबलों के शौर्य को सराहा, साथ ही अधिकारी की पीठ भी थपथपाई है। दरअसल नक्सल प्रभावित जिला बालाघाट में 1 नवंबर 25 को सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की खूंखार एरिया कमेटी मेंबर और 14 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली सुनीता ओयाम के आत्मसमर्पण के बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार तथा गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया था।

नक्सलियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सेमी-ऑटोमैटिक सर्विस राइफल, गोलियों से भरी हुई तीन मैगजीन, अत्यधिक घातक और सक्रिय 30 कारतूस, बैरल ग्रेनेड लांचर में प्रयुक्त होने वाला अत्यधिक विस्फोटक सेल, नक्सलियों के रसद, कैंपिंग और दैनिक जीवन यापन के अन्य साजो-सामान, जप्त किया था।इस चुनौतीपूर्ण मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए पुलिस मुख्यालय, भोपाल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएँ एवं नक्सल विरोधी अभियान) के. पी. वेंकटेश्वर राव ने हॉकफोर्स के सहायक सेनानी रहे अखिलेश गौर को विशेष प्रशंसा पत्र जारी कर उनकी पीठ थपथपाई है।

सुरक्षाबलों द्वारा प्रदर्शित इस अदम्य साहस और रणनीतिक सूझबूझ की सराहना करते हुए एडीजी के. पी. वेंकटेश्वर राव ने अपने प्रशंसा पत्र में लिखा उक्त कार्य अत्यंत जोखिमपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नक्सली खतरे का सामना करते हुए संपादित किया गया, जो आपकी नेतृत्व क्षमता, साहस, सूझबूझ एवं कर्तव्य के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य के लिए प्रशंसा प्रेषित करता हूँ। अखिलेश गौर वर्तमान में जबलपुर कोतवाली सीएसपी है।

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