ग्वालियर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए “विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026” के तहत सीमावर्ती गाँवों का भ्रमण करकर लौटे माय भारत केन्द्र से जुड़े युवाओं से वर्चुअल संवाद किया और उनके अनुभव सुने। यहां ग्वालियर कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में कलेक्टर रुचिका चौहान की मौजूदगी में ग्वालियर जिले के विद्यार्थियों व युवाओं ने भी सीधे प्रसारण के जरिए इस संवाद को देखा व सुना। ग्वालियर जिले के युवा विक्रम सिंह बघेल भी “विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026” के तहत देश के सीमावर्ती गाँवों के भ्रमण पर गए युवाओं में शामिल हैं। एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत व माय भारत केन्द्र की जिला युवा अधिकारी अंजली कुमारी भी उपस्थित थीं।
“विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026” में चयनित युवाओं को लद्दाख, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के 74 वाइब्रेंट विलेज (देश के सीमावर्ती गाँव) का भ्रमण कराया गया। माय भारत केन्द्र के माध्यम से देश भर में इस कार्यक्रम को मूर्तरूप दिया गया है। उल्लेखनीय है कि देशव्यापी ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता के जरिए “विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026” के लिये देश के विभिन्न राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों से 400 से ज्यादा युवा प्रतिभागियों को चुना गया था। जिसमें ग्वालियर जिले के युवा विक्रम सिंह बघेल भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “माय भारत” मंच से अब तक देश के 2.5 करोड़ से अधिक युवा जुड़ चुके हैं। उन्होंने सीमावर्ती गाँवों को अंतिम गाँव न कहकर पहला गाँव बताते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में देश भक्ति के जज्बे के साथ रह रहे लोगों को करीब से देखना जीवन बदलने वाला अनुभव है। देश के युवाओं ने सीमावर्ती गाँव की यात्रा के दौरान सड़क, बिजली, नल से जल जैसे बुनियादी विकास के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और अद्भुत आतिथ्य सत्कार को समझा है। प्रधानमंत्री ने इस भ्रमण को “विकसित भारत” के संकल्प की मजबूत आधारशिला बताया। साथ ही युवाओं से अपने अनुभवों को सोशल मीडिया व कंटेंट क्रिएटर के माध्यम से साझा करने, वहां के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और अन्य युवाओं को भी सीमावर्ती गाँवों का भ्रमण करने के लिये प्रेरित करने का आह्वान किया।
