पटना, 26 जुलाई (वार्ता) बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी है कि यदि पेपर लीक विरोधी आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव को रिहा नहीं किया गया, तो विपक्ष राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।
श्री यादव ने चौबीस दिनों की लम्बी विदेश यात्रा से लौटने के बाद पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्य सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को दबाने और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे छात्रों को अपराधी बनाने का आरोप लगाया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि तेज प्रताप यादव और आंदोलन के दौरान गिरफ्तार अन्य छात्रों को रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे सोमवार तक वापस नहीं लिए गए, तो विपक्ष बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।”
राजद नेता ने अपने बड़े भाई एवं पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बिना किसी औचित्य के गंभीर धाराएं लगा दी गई हैं।
श्री यादव ने कहा कि छात्र कई दिनों से परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय सरकार ने उन्हें गिरफ्तार करना उचित समझा। उन्होंने कहा किया कि दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने उनकी मांगें स्वीकार करते हुए दर्ज मामले वापस लेने का निर्णय लिया, जबकि बिहार सरकार इसके विपरीत आंदोलनकारी छात्रों को जेल भेज रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस कार्रवाई को “अलोकतांत्रिक” बताते हुए आरोप लगाया कि आंदोलन में भाग लेने वाले हजारों छात्रों को गैरकानूनी ढंग से प्राथमिकी (एफआईआर) में नामजद किया गया है। उन्होंने कहा कि सीवान में हुई गोलीबारी की घटना में तीन छात्र घायल हुए हैं और इस मामले में सरकार की तरफ से जवाबदेही तय होनी चाहिए।
