मुंबई 26 जुलाई (वार्ता) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को इस तरह के सुझाव को खारिज किया की सरकार ने पर्चा लीक मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन की गंभीरता को समझने में देरी की और आंदोलन को समय पर उचित सम्मान नहीं दिया।
श्रीमती सीतारमण ने मुंबई में एक निजी टेलीविजन चैनल के साथ चर्चा में कहा कि आंदोलन के नेता जिस दिन (भारत) पहुंचे उन्हें प्रदर्शन की अनुमति दे दी गई, उसमें कोई देरी नहीं की गई।
श्रीमती सीतारमण ने कहा ,” आंदोलन के नेता अभिजीत दीपके जिस दिन भारत पहुंचे उसी दिन उन्हें विरोध प्रदर्शन की अनुमति मिल गई थी, उनको किसी ने रोक नहीं। ”
वित्त मंत्री ने कहा कि जहां तक सरकार के जवाब और कार्रवाई का सवाल है तो उसके पहली प्राथमिकता यह थी कि नीट प्रश्न पत्र लीक में प्रश्न पत्रों की खरीद- बिक्री में शामिल दोषियों को पकड़ा जाए, उन्हें पकड़ा गया। इसके साथ ही तत्काल दायित्व यह था कि समय पर पुन: परीक्षा करवाई गई ताकि बच्चों का साल खराब ना हो।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में वह जिम्मेदारी निभाई गई, परीक्षा हुई और परिणाम आए बच्चों का साल खराब नहीं हुआ। मंत्री ने कहा कि अपना दायित्व पूरा करने के बाद श्री प्रधान ने समय पर अपना इस त्यागपत्र दे दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के दौरान संवाद की भाषा के संबंध में पूछे जाने पर श्रीमती सीतारमण ने कहा कि सरकार के सामने संवाद की भाषा को लेकर सीमाएं होती हैं । सरकार को संवाद की भाषा को लेकर हद से बाहर नहीं जा सकती है क्योंकि उसके हर शब्द कानून की कसौटी पर कसे जाते हैं। उसे पता होता है कि वह जो बात रहेगी वह अदालत की जांच के दायरे में होगी।
उल्लेखनीय है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से दिल्ली में शुरू हुए अपने आंदोलन को शनिवार को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार साथ बातचीत मै हुई सहमति के आधार पर तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया।
