भोपाल: राजधानी के एम्स भोपाल में मरीज के इलाज के दौरान कथित रूप से रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एम्स के नर्सिंग अधिकारी गिरधारी चौधरी के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।सीबीआई के अनुसार, शाजापुर जिले के कालापीपल निवासी शांताबाई इलाज के लिए एम्स में भर्ती थीं। उनके पुत्र विनोद मेवाड़ा ने शिकायत में आरोप लगाया कि नर्सिंग अधिकारी ने सर्जिकल उपकरण उपलब्ध कराने के नाम पर 16,500 रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता का दावा है कि अधिकारी ने पैसे नहीं देने पर ऑपरेशन प्रभावित होने की बात भी कही। बाद में कथित तौर पर 12 हजार रुपये लेने पर सहमति जताई गई।
पीड़ित ने 23 जुलाई को सीबीआई भोपाल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। एजेंसी ने प्रारंभिक सत्यापन के दौरान आरोपों की जांच की, जिसमें शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद संबंधित नर्सिंग अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
सीबीआई का कहना है कि अब मामले से जुड़े सभी तथ्यों, बातचीत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
