नयी दिल्ली 25 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026 के 400 से अधिक प्रतिभागियों के साथ संवाद करेंगे ।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को बताया कि विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम, जिसे ’माई भारत’ प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है, की परिकल्पना प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए की गई है, जिसके अनुसार भारत के सीमावर्ती गाँवों को राष्ट्र के प्रथम गावों के रूप में माना जाए तथा उन्हें विकसित भारत की यात्रा में सक्रिय भागीदार बनाया जाए।
विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026 का आयोजन चार जून से 30 जून तक दो चरणों में किया गया, जिसमें लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 वाइब्रेंट गाँवों को सम्मिलित किया गया। देशव्यापी ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से, जिसमें तीन लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया, प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले 400 से अधिक युवा प्रतिभागियों का चयन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों ने स्थानीय समुदायों के साथ निवास किया तथा स्वच्छता अभियान, सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता अभियान, युवा सम्मेलन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, वृक्षारोपण अभियान, मिनी मॉडल पंचायत अनुकरण, स्थानीय शिल्पकारों के साथ संवाद तथा सामरिक महत्व के संस्थानों का भ्रमण जैसी गतिविधियों में भाग लिया। इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को भारत के सीमांत क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य, सांस्कृतिक विरासत और विकास संबंधी आकांक्षाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया, साथ ही सामुदायिक सहभागिता, राष्ट्रीय एकीकरण तथा सीमावर्ती गाँवों के सामरिक महत्व की गहन समझ को भी प्रोत्साहित किया।

