जयपुर (वार्ता) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर ‘अशांत क्षेत्र कानून’ के ज़रिये प्रदेश को ‘अशांत’ घोषित करने पर तुली होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह अपनी प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए ध्रुवीकरण का रास्ता अपना रही है।
श्री गहलोत ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा कि राजस्थान की जनता शांति और सौहार्द चाहती है, ‘अशांत’ का ठप्पा नहीं। उन्होंने कहा कि जिस राजस्थान की पहचान भाईचारे, अपनायत और ‘पधारो म्हारे देस’ की संस्कृति से रही है, उसी प्रदेश को भाजपा सरकार अब ‘अशांत क्षेत्र कानून’ के ज़रिये ‘अशांत’ घोषित करने पर तुली है। यह राजस्थान के इतिहास का अत्यंत शर्मनाक कदम है।
उन्होंने कहा कि फर्क साफ है- हमारी कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए देश का पहला शांति और अहिंसा विभाग बनाया ताकि संवाद, सद्भाव और प्रेम से समाज मजबूत हो। भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही पहले उस विभाग को ठप किया और अब यह कानून थोपकर राजस्थान को सांप्रदायिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में न तो ऐसे हालात हैं और न यहां नफरत की ज़मीन है। यह कानून आमजन की संपत्ति के मूल्य गिराएगा और सदियों से साथ रह रहे समाज को बांटने का काम करेगा। उन्होंने कहा, “ इस विभाजनकारी सोच का हम पुरज़ोर विरोध करेंगे।”
