बैतूल। जिले के शाहपुर वन परिक्षेत्र में पांच राष्ट्रीय पक्षी मोरों की मौत से हड़कंप मच गया। वन विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया कि खेत में फसल को पक्षियों से बचाने के लिए मक्का के दानों में जहरीला पदार्थ मिलाकर बिखेरा गया था। इन्हीं दानों को खाने से पांच मोरों की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। खेत की मेड़ पर बिखरे मक्का के दानों की जांच के बाद पता चला कि खेत मेंढा खेड़ा निवासी रतन आदिवासी का है, जिसे कमलेश आदिवासी ने ठेके पर लिया था। पूछताछ और जांच के आधार पर वन विभाग ने कमलेश आदिवासी को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
हालांकि आरोपी का कहना है कि उसे यह जानकारी नहीं है कि मक्का के दानों में जहर किसने मिलाया था। वहीं वन विभाग का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
