वाशिंगटन 24 जुलाई (वार्ता) अमेरिका ने इजरायल के प्रति मलेशिया की नीति को लेकर मलेशिया के राजदूत को तलब किया है।
मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन ने कहा कि उनके राजदूत ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के सामने स्पष्ट कर दिया है कि इजरायल को मान्यता न देना मलेशिया की पुरानी और स्थायी नीति है।
गौरतलब है कि हाल ही में एक अमेरिकी-इजरायली दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को इजराइली नागरिकता की पुष्टि होने पर मलेशिया छोड़ने के लिए कहा गया था।
ताजा विवाद की शुरुआत अमेरिकी निवेशक बालाजी श्रीनिवासन द्वारा मलेशिया में स्थापित ‘नेटवर्क स्कूल’ से हुई। सोशल मीडिया पर इसमें इजरायली नागरिकों की मौजूदगी के दावे के बाद जांच की गई। भले ही सभी प्रतिभागियों के पास वैध दस्तावेज मिले, फिर भी मलेशियाई अधिकारियों ने मंगलवार को इस संस्थान को बंद करवा दिया।
इस कार्रवाई से नाराज आठ अमेरिकी सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने मांग की है कि यदि मलेशिया 15 दिनों के भीतर इजरायली नागरिकों के प्रवेश पर रोक का फैसला वापस नहीं लेता है, तो मलेशियाई सेना को मिलने वाले अमेरिकी प्रशिक्षण फंड को रोक दिया जाए और दोनों देशों के आर्थिक-सुरक्षा संबंधों की समीक्षा की जाए।
वहीं, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने अमेरिकी धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि मलेशिया इजरायली नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध जारी रखेगा। उन्होंने दोहराया कि उनका देश फिलिस्तीनी जनता के अधिकारों की रक्षा और गाजा में हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हटेगा।
