
जबलपुर। हाल ही में मध्य प्रदेश के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा सार्वजनिक रूप से दिए गए बयान की राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी है और शासन से मांग की है कि ऐसे अमर्यादित बयानबाजी करने वाले विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक ने नवभारत को बताया कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है जिस कारण उसकी मानसिक विकृति बयानबाजी के जरिए बाहर आ रही है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे पहले बेटियों, आदिशक्ति का पूजन कर कार्यक्रम की शुरूआत होती है लेकिन कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया बच्चियों, महिलाओं के प्रति जो मर्यादित बयान दे रहे हैं उसे अपने शब्दों में बोलना भी काफी निंदनीय है। ऐसे विधायक को तत्काल राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। साथ ही दलित वर्ग का अपमान करने वाले विधायक को चुनाव में जिताने वाले दलित वर्ग के ही वोटर अब अफसोस कर रहे हैं कि कहां से उन्होंने इस विधायक को वोट देकर चुनाव जिताया था।
जानकारी के अनुसार भोपाल के समन्वय भवन में दो दिन पहले कांग्रेस की डिक्लेरेशन-2 की ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने दलिग वर्ग का अपमान करते हुए बयानबाजी की और बच्चियों, महिलाओं के खिलाफ अमर्यादित बयान दिए थे जिसके बाद से राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीक ने विधायक के खिलाफ आक्रोश जताया है। विधायक द्वारा दिए गए बयान में
अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग (एससी-एसटी) के विधायक-सांसदों की तुलना कुत्ते से की गई थी। इस पर सुमित्रा बाल्मीक ने कहा है मतलब विधायक ने भी अपने आदर्श नेताओं के तलवे चाटे होंगे और वे भी अपने आप को कुत्ते ही श्रेणी में मान रहे हैं।
