जनपद पंचायत में नियम ताक पर, उपस्थिति और योग्यता दोनों पर सवाल

आमला। जनपद पंचायत आमला में संविदा एवं अटैच कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, संविदा ग्रेड-3 पर नियुक्त सेवानिवृत्त कर्मचारी बबन उमरे की उपस्थिति न तो कार्यालय के उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज की जा रही है और न ही सार्थक एप पर। इसके बावजूद वे पंचायत की महत्वपूर्ण शाखाओं का कार्य देख रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी हाजिरी केवल अधिकारियों की जानकारी तक सीमित है।सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है। जनपद पंचायत में कई ऐसे करमचर एवं अटैच कर्मचारी हैं, जिनकी नियमित उपस्थिति का कोई अधिकृत रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पंचायत में 147 कर्मचारी सार्थक एप पर पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 123 कर्मचारियों की ही उपस्थिति दर्ज दिखाई देती है। ऐसे में शेष कर्मचारियों की उपस्थिति किस आधार पर दर्ज मानी जा रही है, यह बड़ा सवाल बन गया है। इससे कार्यालय की पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

ट्रेजरी शाखा के प्रभारी की योग्यता पर भी सवाल

जनपद पंचायत की ट्रेजरी शाखा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इस शाखा का कार्य देख रहे कर्मचारी इंदौरकर के पास न तो कंप्यूटर का आवश्यक डिप्लोमा है और न ही वित्तीय कार्यों के लिए अपेक्षित कंप्यूटर दक्षता। जबकि ट्रेजरी का पूरा कार्य अब कंप्यूटरीकृत प्रणाली से संचालित होता है। ऐसे में संबंधित कर्मचारी को इस महत्वपूर्ण शाखा की जिम्मेदारी दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।नगर के युवा कानून सलाहकार जसवंत सिंह ठाकुर का कहना है कि जिस कर्मचारी के पास संबंधित कार्य की आवश्यक योग्यता नहीं हो, उसे अत्यंत महत्वपूर्ण वित्तीय शाखा का दायित्व सौंपना भविष्य में प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं का कारण बन सकता है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर योग्य एवं प्रशिक्षित कर्मचारी की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

रिकॉर्ड नहीं रखा गया, कहेंगे तो रजिस्टर बना लेंगे

जब इस संबंध में जनपद पंचायत के सीईओ पंकज दारोटिया से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा “संविदा कर्मचारी और अटैच कर्मचारियों का कोई अलग उपस्थिति रिकॉर्ड नहीं रखा गया है। आप कह रहे हैं तो रजिस्टर बना लेंगे।सीईओ का यह बयान भी कई सवाल खड़े करता है। यदि संविदा और अटैच कर्मचारियों का नियमित उपस्थिति रिकॉर्ड ही नहीं रखा जा रहा, तो उनकी कार्य अवधि, जवाबदेही और सरकारी नियमों का पालन किस आधार पर सुनिश्चित किया जा रहा है। यह विषय अब प्रशासनिक जांच की मांग कर रहा है।

Next Post

मूंग खरीदी में देरी पर किसानों के समर्थन में उतरी कांग्रेस

Fri Jul 24 , 2026
भोपाल/हरदा। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को हरदा, सिवनी मालवा, नर्मदापुरम और इटारसी की कृषि उपज मंडियों का दौरा कर मूंग खरीदी में हो रही देरी से परेशान किसानों से मुलाकात की। किसानों की समस्याएं सुनने के बाद उन्होंने सिवनी मालवा में आयोजित ट्रैक्टर रैली में […]

You May Like