सिंगरौली: म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी होने के बाद सिंगरौली सहित पूर्व क्षेत्र के कई जिलों में कर्मचारियों के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है। कंपनी मुख्यालय जबलपुर से जारी आदेश में सभी आउटसोर्स कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति ई-अटेंडेंस एप के माध्यम से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उपस्थिति की निगरानी तो डिजिटल माध्यम से होगी, लेकिन अतिरिक्त कार्य, ओवरटाइम और कार्यस्थल की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर आदेश में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि सिंगरौली जैसे औद्योगिक जिले में बिजली आपूर्ति बनाए रखना आसान नहीं है। तेज बारिश, आंधी, ट्रांसफार्मर खराब होने, लाइन ब्रेकडाउन और आपातकालीन परिस्थितियों में उन्हें कई-कई घंटे अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में केवल उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू करना कर्मचारियों के हितों के साथ न्याय नहीं माना जा सकता।
आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि यदि विभाग ई-अटेंडेंस को अनिवार्य कर रहा है तो निर्धारित 8 घंटे से अधिक कार्य लिए जाने की स्थिति में सक्षम अधिकारी का लिखित आदेश, अतिरिक्त कार्य का स्पष्ट रिकॉर्ड और नियमों के अनुरूप भुगतान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार मौखिक निर्देश पर देर रात तक कार्य कराया जाता है, लेकिन उसका कोई दस्तावेजी रिकॉर्ड नहीं बनता।
कर्मचारियों का यह भी कहना है कि वे नई तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं, लेकिन नियम केवल कर्मचारियों पर लागू हों और उनकी समस्याओं की अनदेखी की जाए, यह स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना है कि विभाग को पहले कर्मचारियों की सुरक्षा, कार्य अवधि, अवकाश, ओवरटाइम और जवाबदेही से जुड़े नियम स्पष्ट करने चाहिए।
