राजगढ़: नरसिंहगढ़ विकासखंड का छोटा-सा ग्राम मानपुरा देव आज ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, सामूहिक प्रयास और आधुनिक खेती का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है. यहां स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए आधुनिक तकनीकों से सब्जी उत्पादन कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं. गांव में वर्तमान में 17 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 170 महिलाएं जुड़ी हुई हैं.
इन महिलाओं ने खेती को आजीविका का मजबूत माध्यम बनाकर अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है. समूह की प्रत्येक सदस्य अपने खेत में आधुनिक तकनीक पॉली मल्चिंग अपनाकर टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, भिंडी, खीरा सहित विभिन्न प्रकार की मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं.
इनके द्वारा उत्पादित ताजी एवं गुणवत्तापूर्ण सब्जियों की मांग आसपास के स्थानीय बाजारों के साथ-साथ भोपाल की थोक सब्जी मंडियों तक पहुंच चुकी है. ग्राम मानपुरा देव की यह पहल दर्शाती है कि यदि महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन मिले तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव की आर्थिक तस्वीर बदल सकती हैं. आज यह गांव स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आजीविका का प्रेरणादायी मॉडल बन चुका है.
