
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन में सिंहस्थ-2028 (महाकुंभ) की तैयारियां लगातार गति पकड़ रही हैं। आगामी महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए शहर में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से सडक़, पुल, घाट, पेयजल, सीवरेज, विद्युत, यातायात और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर का स्वरूप तेजी से बदला जा रहा है।
इसी क्रम में गुरुवार को संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने नियमित निरीक्षण-68 के तहत आगर रोड स्थित गाड़ी अड्डा से एमआर-4 और एसआर-1 तक बनाए जा रहे नवीन मार्ग निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा भी मौजूद रहे। पोल शिफ्टिंग और नाली निर्माण निर्माण एजेंसी के इंजीनियरों ने बताया कि मार्ग के साथ रिटेनिंग वॉल, नाली निर्माण और पोल शिफ्टिंग का कार्य प्रगति पर है। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य के दौरान रोड सेफ्टी के सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। आमजन की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए, ताकि विकास कार्यों के साथ लोगों की सुरक्षा और सुविधा भी बनी रहे।
विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी
सिंहस्थ-2028 को लेकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सडक़ चौड़ीकरण, नए मार्गों का निर्माण, पुल-पुलियाएं, घाटों का विस्तार और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि महाकुंभ से पहले सभी प्रमुख परियोजनाएं पूर्ण कर उज्जैन को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जा सके।
