
सीधी । इधर विधानसभा में प्रश्न लगा और उधर कलेक्टर निरीक्षण करने पहुंच गये। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर विकास मिश्रा ने उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ ग्राम बरिगवां में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र तथा ग्राम बाडीटोला में निर्माणाधीन औद्योगिक क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने बरिगवां में प्रस्तावित 52.81 हेक्टेयर भूमि एवं बाडीटोला में 9.49 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे औद्योगिक परिसर का अवलोकन कर विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की भूमि, पहुंच मार्ग, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, जल निकासी एवं अन्य आधारभूत अधोसंरचना संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं ताकि निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जा सकें।
उल्लेखनीय है कि ग्राम बाडीटोला में 9.49 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 11.22 करोड़ रुपये की लागत से नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। वहीं ग्राम बरिगवां में 52.81 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को महत्वपूर्ण बल मिलेगा। निरीक्षण के दौरान उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अभिलाष मेरावी, तहसीलदार अमित दुबे तथा एमपीआईडीसी रीवा एवं लघु उद्योग निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।
००
जिले में औद्योगिक निवेश का बढ़ावा देना है प्राथमिकता
कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना प्राथमिकता है। नए उद्योगों की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिले के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए भूमि संबंधी औपचारिकताओं एवं अधोसंरचना विकास कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन औद्योगिक क्षेत्र के कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने तथा परियोजना को निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी मूलभूत सुविधाओं का समुचित विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
०००००००००००००
