
ग्वालियर। गुना के चर्चित ट्रिपल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा हनी दुबे पेरोल पर आने के बाद फरार हो गया था। अब उसे उत्तरप्रदेश के हाथरस से गिरफ्तार कर लिया गया है। गुना-ग्वालियर पुलिस की ज्वॉइंट टीम ने उसे पकड़कर ग्वालियर पुलिस के हवाले कर दिया था।
हनी दुबे और उसकी मां पूनम दुबे उर्फ पक्का 15 दिन पूर्व ग्वालियर सेंट्रल जेल से पेरोल पर बाहर आये थे। दोनों को वापिस जेल पहुंचना था। हालांकि केवल पूनम जेल लौटी, जबकि हनी ग्वालियर केन्द्रीय जेल के बाहर से ही फरार गया था। हनी के फरार होने के बाद गुना और ग्वालियर पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुट गयी थी। इस बीच पुलिस को उसके यूपी के हाथरस में होने की खबर मिली थी। खबर के आधार पर पुलिस वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
*2017 में किया ट्रिपल मर्डर*
यह मामला साल 2017 का है। जल संसाधन विभाग में पदस्थ ऑफिस अधीक्षक अंतरसिंह मीना का 17 वर्षीय बेटा हेमंत सेकंड हैंड मोटरसाईकिल खरीदने के लिये 40 हजार रूपये लेकर घर से निकला था। इसके बाद वह लापता हो गया और अगले दिन पिता ने महिला पूनम दुबे और उसके नाबालिग बेटे पर शक जताया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की।
*राज खुलने के डर से दो और हत्याएं की*
इंदौर से फिरौती का फोन करने के बाद ऋतिक वापस गुना आ गया। इसी बीच लोकेश ने अपने हिस्से के पैसे मांगे और पुलिस को सब कुछ बताने की बात कही। इसके बाद हनी, पूनम और उनके साथी लोकेश को नेगमा के जंगल ले गए, जहां उसकी हत्या कर शव जला दिया। चूंकि ऋतिक दोनों हत्याओं की जानकारी जान चुका था, इसलिए उसकी भी हत्या कर दी गई। गुना एसपी हितिका वासल ने बताया कि इस पर पैरोल जंप का अपराध ग्वालियर में दर्ज हुआ था। चूंकि आरोपी गुना का था, इसलिए ग्वालियर और गुना पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे हाथरस से गिरफ्तार किया है।
वर्ष 2022 में इस ट्रिपल मर्डर केस में पूनम दुबे और उसके बेटे हनी दुबे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दोनों तब से ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद थे। हनी पहले भी कई बार पेरोल पर बाहर आ चुका था। इस बार भी वह पेरोल पर बाहर आया था, लेकिन जेल लौटने के बजाय फरार हो गया। अब हाथरस से गिरफ्तारी के बाद उसे ग्वालियर पुलिस को सौंप दिया गया है।
