नयी दिल्ली, 23 जुलाई (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट के कारण प्रमुख विमान सेवा कंपनी इंडिगो को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 238 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। विदेशी मुद्रा विनिमय के मद में शुद्ध नुकसान एक साल पहले के 23.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 149.9 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी ने 2,176 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। एयरलाइंस ने गुरुवार को निदेशक मंडल की बैठक के बाद वित्तीय परिणाम जारी किये। इसमें बताया गया है कि तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 24,584.1 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यह सालाना आधार पर 19.9 प्रतिशत अधिक है।
पश्चिम एशिया संकट के कारण अप्रैल-जून तिमाही में विमान ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि से विमान सेवा कंपनियों पर दबाव रहा। इस दौरान प्रत्येक सीट-किलोमीटर पर इंडिगो की ईंधन लागत 80.4 प्रतिशत बढ़कर 2.49 रुपये पर पहुंच गयी। ईंधन और विदेशी मुद्रा विनिमय को छोड़कर अन्य मदों में प्रति सीट-किलोमीटर पर खर्च 10.7 प्रतिशत बढ़कर 3.20 रुपये हो गया। इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने कहा, “पहली तिमाही अस्थिर परिचालन वातावरण से प्रभावित रही। ईंधन की ऊंची लागत और पश्चिम एशिया में नेटवर्क से जुड़ी बाधाओं का हमारे मुनाफे पर असर पड़ा। इसके बावजूद, मांग मजबूत बनी रही और हमारे राजस्व प्रदर्शन में वर्ष-दर-वर्ष सुधार हुआ। हालांकि, ईंधन की बढ़ती कीमतों और कमजोर रुपये के दबाव के कारण इस तिमाही में घाटा दर्ज किया गया।”
आलोच्य तिमाही के दौरान विमान ईंधन के मद में इंडिगो का व्यय 85.7 प्रतिशत बढ़कर 10,832.9 करोड़ रुपये हो गया जो कुल व्यय का करीब 42 प्रतिशत है। कुल व्यय 34 फीसदी की वृद्धि के साथ 25,852.5 करोड़ रुपये पर रहा। तिमाही के अंत में कंपनी के पास मुक्त और प्रतिबंधित नकदी मिलाकर कुल 52,884.6 करोड़ रुपये की नकदी थी। वहीं, विमान लीज के मद में 53,755.6 करोड़ रुपये की देनदारी समेत उस पर कुल 81,531.3 करोड़ रुपये का कर्ज है।

