
मुंबई। मुंबई में प्रदर्शन के दौरान सामने आए एक वायरल वीडियो को लेकर पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को दोबारा प्रदर्शन में शामिल होने पर झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने संबंधित पुलिसकर्मी को उसकी मौजूदा ड्यूटी से हटा दिया और पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीडियो में दिखाई देने वाला कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारी नहीं, बल्कि पुलिस विभाग में चालक (ड्राइवर) के पद पर कार्यरत है।
मुंबई पुलिस का कहना है कि यदि जांच में वायरल वीडियो की सत्यता और पुलिसकर्मी का अनुचित आचरण प्रमाणित होता है, तो नियमों के अनुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को झूठे मामले में फंसाने जैसी धमकी पुलिस की कार्यप्रणाली और आचार संहिता के विपरीत है तथा विभाग ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं करता। घटना के बाद विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
