
सीधी। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने जिले की लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सीधी जिले के अधिकांश थाने आज भी स्थायी थाना प्रभारियों के बजाय प्रभारियों के सहारे संचालित हो रहे हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव कानून व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में लगातार चोरी, लूट, मारपीट और चाकूबाजी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे आमजन में भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है।
ज्ञान सिंह ने कहा कि हाल ही में जमोड़ी थाना क्षेत्र के नौढ़िया गांव में चोरों ने एक घर से नगदी और जेवरात पार कर दिए। इसके अलावा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। मझौली में पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज लोगों ने धरना-प्रदर्शन कर सड़क जाम किया। कमर्जी थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी पर हमला हुआ, वहीं भूईमाड़ थाने में घुसकर एक सिपाही पर लाठी से हमला किया गया। हाल ही में सिटी कोतवाली क्षेत्र स्थित स्टेडियम के बाहर एक व्यक्ति पर चाकू से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि जिले में अपराधियों के मन से पुलिस का भय समाप्त हो चुका है और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे पुलिसकर्मी तथा प्रभारियों के भरोसे संचालित हो रहे थानों के कारण पुलिस व्यवस्था कमजोर हुई है। यदि शीघ्र ही सभी थानों में नियमित थाना प्रभारियों की नियुक्ति नहीं की गई और पुलिस व्यवस्था में आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
ज्ञान सिंह ने सिटी कोतवाली में नियमित थाना प्रभारी की नियुक्ति में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस द्वारा नीट पेपर लीक मामले को लेकर सांसद के निवास का घेराव किए जाने के बाद तत्कालीन सिटी कोतवाली टीआई को तुरंत लाइन हाजिर कर दिया गया था, लेकिन लगभग दो माह बीत जाने के बाद भी सिटी कोतवाली में नए थाना प्रभारी की नियुक्ति नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि तत्काल कार्रवाई कर टीआई को हटाया जा सकता है, तो उतनी ही तत्परता नए थाना प्रभारी की नियुक्ति में भी दिखाई जानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि जिले की सबसे महत्वपूर्ण सिटी कोतवाली का लंबे समय तक बिना नियमित थाना प्रभारी के संचालित होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। इससे यह संदेह भी उत्पन्न होता है कि किसी प्रकार के दबाव के कारण नियुक्ति लंबित रखी जा रही है।
ज्ञान सिंह ने पुलिस अधीक्षक से जिले के सभी रिक्त थानों में तत्काल नियमित थाना प्रभारियों की नियुक्ति करने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो जिला कांग्रेस कमेटी जनता की आवाज़ बनकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करेगी तथा व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी।
