उज्जैन: महाकाल की नगरी में सिंहस्थ-2028 को लेकर करीब 30 हजार करोड़ रुपये के विकास और निर्माण कार्य तेज गति से चल रहे हैं. इसी कड़ी में उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) अपने हिस्से की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए लगभग 650 करोड़ रुपये का टर्म लोन लेने जा रहा है.
सोमवार को 12 से अधिक बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के अधिकारी यूडीए पहुंचे, अध्यक्ष रवि सोलंकी और सीईओ संदीप सोनी ने बैंकों को पूरी परियोजना की जानकारी दी और उनकी ऋण नीति, ब्याज दर, पुनर्भुगतान व्यवस्था तथा वित्तीय शर्तों पर विस्तार से चर्चा की. यूडीए की कुल परियोजनाओं की लागत 1124.52 करोड़ रुपये है. फिलहाल निर्माण कार्यों को गति देने के लिए लगभग 645 से 650 करोड़ रुपये के टर्म लोन की आवश्यकता है. इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी कर बैंकों से प्रस्ताव मांगे गए हैं. अब इच्छुक बैंक अपनी ब्याज दर, वित्तीय शर्तें और दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद सबसे कम ब्याज और बेहतर शर्तें देने वाले बैंक का चयन किया जाएगा.
यूडीए के प्रस्ताव का अध्ययन
बैठक में बैंक अधिकारियों ने भी परियोजना की वित्तीय संरचना को समझा. चूंकि ऋण राशि काफी बड़ी है, इसलिए स्थानीय शाखाओं के साथ-साथ संबंधित बैंकों के प्रधान कार्यालय भी पूरे प्रस्ताव का अध्ययन करेंगे. यह भी तय किया जाएगा कि ऋण किस ब्याज दर पर मिलेगा, उसकी वापसी किस प्रकार होगी और ऋण के बदले कौन-कौन सी परिसंपत्तियां या परियोजनाएं सुरक्षा के रूप में रखी जाएंगी.
संपत्ति बेचेंगे तो भर देंगे लोन
यूडीए अधिकारियों ने बताया कि ऋण की अदायगी विकास प्राधिकरण की व्यावसायिक योजनाओं से की जाएगी. अधिग्रहित भूमि पर जनहित की योजनाओं के तहत आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित होंगी. मकान, दुकान और अन्य संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त आय से बैंक का कर्ज और ब्याज चुकाया जाएगा. उद्देश्य यह है कि धन की कमी के कारण सिंहस्थ-2028 से जुड़े किसी भी निर्माण कार्य की गति प्रभावित न हो.
कहां, कितनी राशि होगी खर्च
इस टर्म लोन से महाकाल क्षेत्र और आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास किया जाएगा. इनमें कालभैरव मंदिर परिसर पर 164.50 करोड़ रुपये, सांदीपनि आश्रम पर 160.62 करोड़ रुपये, मंगलनाथ मंदिर पर 123.90 करोड़ रुपये, नवग्रह मंदिर पर 120.84 करोड़ रुपये, भूखी माता मंदिर पर 106.57 करोड़ रुपये, बगलामुखी माता मंदिर पर 85 करोड़ रुपये, अंगारेश्वर मंदिर पर 83 करोड़ रुपये, 84 महादेव परिसर पर 30 करोड़ रुपये, गढ़कालिका माता मंदिर पर 15.51 करोड़ रुपये तथा सिद्धवट परिसर पर 14.58 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं.
पीएम एकता माल के पीछे भी काम
धार्मिक परियोजनाओं के साथ पीएम एकता मॉल के पिछले हिस्से के विकास पर भी 220 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इन परियोजनाओं में मंदिर परिसरों का सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं, सड़कें, पार्किंग, आधारभूत अधोसंरचना और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार शामिल है.
सोमवार से बोली चालू, 29 को खोलेंगे
यूडीए ने टर्म लोन के लिए ईओआई प्रक्रिया शुरू कर दी है. बोली जमा करने की प्रक्रिया 21 जुलाई से प्रारंभ हो चुकी है. दस्तावेज डाउनलोड और बोली जमा करने की अंतिम तिथि 28 जुलाई शाम 5.30 बजे निर्धारित की गई है, जबकि वित्तीय प्रस्ताव 29 जुलाई को खोले जाएंगे. इसके बाद चयनित बैंक के साथ ऋण प्रक्रिया पूरी कर विकास कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा
