
जबलपुर। राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वांगचुक का अनशन समाप्त कराना संसद, सरकार और न्यायपालिका-तीनों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में कहा कि यदि अनशन के दौरान सोनम वांगचुक को किसी प्रकार की क्षति पहुंचती है, तो यह पूरे लोकतांत्रिक तंत्र की सामूहिक विफलता मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात उत्पन्न होने पर वह स्वयं सांसद बने रहना भी पसंद नहीं करेंगे।
तन्खा के इस बयान और वांगचुक के आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने और स्थिति को संवेदनशीलता के साथ संभालने की अपील की।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं।
