बेरुत, 21 जुलाई (वार्ता) लेबनानी सेना ने दक्षिणी लेबनान के एक क्षेत्र में अपनी तैनाती शुरू कर दी है। यह अमेरिका की मध्यस्थता में हुए समझौते को लागू करने की दिशा में पहला कदम है। इस समझौते के तहत इजरायली सेना को सीमा के कुछ इलाकों से पीछे हटना है।
यह तैनाती ऐसे समय हुई है, जब लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन अमेरिका के दौरे पर हैं और वहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करने वाले हैं। इस सुरक्षा समझौते में अमेरिकी प्रशासन की अहम भूमिका रही है।
दक्षिणी लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्ला के बीच संघर्ष के बाद इजरायली सेना ने कुछ इलाकों पर कब्जा बनाए रखा है। इजरायल का कहना है कि हिजबुल्ला के पूरी तरह हथियार छोड़ने तक उसकी सेना वहां रहेगी, जबकि हिजबुल्ला इस मांग को खारिज करता है।
लेबनानी सेना के मुताबिक, उसके सैनिक नबातीह प्रांत के ज़ौतार अल-गर्बिया गांव में पहुंच गए हैं। अमेरिका ने बताया कि सेना तीन तय क्षेत्रों—ज़ौतार अल-गर्बिया, फ्रौन और श्रीफा—में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही है। इनमें से फ्रौन और श्रीफा से इजरायली सेना पहले ही हट चुकी है।
इजरायली सेना ने भी इस पायलट सुरक्षा योजना की शुरुआत की पुष्टि की है और कहा है कि वह लेबनानी सेना को काम करने में मदद के लिए अपनी तैनाती में बदलाव करेगी। इसे क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।
