भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन से पारित हो गया। विधेयक पेश होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे विस्तृत समीक्षा के लिए सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की, लेकिन सरकार ने यह मांग खारिज कर दी। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन के वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को कार्यवाही पहले 10 मिनट और फिर 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस विधायक बाला बच्चन, उमंग सिंघार, आतिफ अकील और आरिफ मसूद ने UCC विधेयक का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक एजेंडा बताया। विपक्ष ने संविधान के अनुच्छेद-29 का हवाला देते हुए अल्पसंख्यकों के सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। हालांकि, सरकार ने सदन में अपने बहुमत के आधार पर विधेयक पारित करा लिया।
अब यह विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद राजपत्र (गजट) में अधिसूचना जारी होगी और इसके बाद मध्य प्रदेश में UCC लागू हो जाएगा। इसी दौरान विधानसभा ने मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक-2026 को भी मंजूरी दे दी।
