
आलीराजपुर। जिला मुख्यालय पर मंगलवार की सुबह पुलिस ने संवेदनशीलता और त्वरित सक्रियता का परिचय देते हुए दो साल के मासूम बच्चे को उसके परिजनों से मिलाया।
कोतवाली टीआई सोनू सिटोले ने बताया कि झाबुआ जिले के खवासा क्षेत्र के ग्राम बरवाड़ा निवासी राहुल पिता भुरु भील अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ गुजरात मजदूरी करने के लिए रात में आलीराजपुर पहुँचा था। बस न मिलने के कारण परिवार बस स्टैंड पर ही रात्रि विश्राम करने लगा।
सुबह करीब 4 बजे, नींद में मासूम नारायण उठकर कहीं चला गया और परिवार से बिछड़ गया। सुबह 5 बजे, पुलिस कर्मियों को पंचमुखी हनुमान मंदिर की ओर रोता हुआ एक छोटा बच्चा दिखाई दिया। पुलिस ने जब उससे नाम-पता पूछा, तो बच्चा कुछ नहीं बता सका।
सूचना मिलने पर टीआई सोनू सिटोले तत्काल मौके पर पहुँचीं। उन्होंने बच्चे को सान्त्वना दी और प्यार भरी बातों से उसे शांत कराया। इसके बाद उनके निर्देश पर पुलिस दल ने बच्चे के परिजनों की खोज शुरू की।
लगभग एक घंटे की खोजबीन के बाद पुलिस जवानों ने बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय में बच्चे के माता-पिता को ढूँढ निकाला और मासूम नारायण को उन्हें सौंप दिया।
बेटे को पाकर माता-पिता की आँखों में खुशी के आँसू झलक उठे। उन्होंने पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया।
कोतवाली पुलिस की इस मानवीय पहल की नगर में सर्वत्र सराहना की जा रही है।
