नयी दिल्ली, 21 जुलाई (वार्ता) घरेलू विमान सेवा कंपनियों की उड़ानों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या जून में घटकर 1.34 करोड़ रह गयी है। साथ ही वित्तीय संकट से जूझ रही स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी घटकर दो प्रतिशत से कम रह गयी है। इस साल मई में एक करोड़ 53 लाख 90 हजार के मासिक रिकॉर्ड के बाद हवाई यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गयी है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि जून में एक करोड़ 34 लाख 64 हजार लोगों ने हवाई सफर किया। यह जून 2025 के एक करोड़ 36 लाख चार हजार की तुलना में 1.03 प्रतिशत कम है।
मौजूदा कैलेंडर वर्ष के पहले छह महीने में जनवरी से जून के दौरान घरेलू विमान सेवा कंपनियों ने आठ करोड़ 64 लाख चार हजार यात्रियों को सेवा प्रदान की है। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में यह 1.44 प्रतिशत अधिक है। साल 2025 की पहली छमाही में आठ करोड़ 51 हजार 74 लोगों ने हवाई सफर किया था। जून में इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी मई के 64.9 प्रतिशत से बढ़कर 66.3 प्रतिशत पर पहुंच गयी, यानी कुल यात्रियों में 66.3 प्रतिशत ने उसकी उड़ानों में सफर किया। वहीं, एयर इंडिया समूह की बाजार हिस्सेदारी 25.6 प्रतिशत से घटकर 23.9 प्रतिशत रह गयी।
नवोदित विमान सेवा कंपनी अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी एक महीने पहले के 5.8 फीसदी से बढ़कर 6.4 फीसदी हो गयी। स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी लगातार घटते हुए अब दो प्रतिशत से कम रह गयी है। यह जून में 1.9 प्रतिशत रही। मई में यह 2.5 प्रतिशत रही थी। देश के 10 बड़े हवाई अड्डों से समय पर उड़ान भरने के मामले में इंडिगो सबसे आगे रही। उसकी 89.4 प्रतिशत उड़ानें समय से रवाना हुईं। इन 10 बड़े हवाई अड्डों में बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद, कोचीन, गुवाहाटी और लखनऊ शामिल हैं।
एयर इंडिया समूह, जिसमें एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं, 85.9 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके बाद क्रमशः अकासा एयर (82.7 प्रतिशत), अलायंस एयर (74.7 प्रतिशत) और स्पाइसजेट (33.5 प्रतिशत) का स्थान रहा। भरी हुई सीटों के अनुपात (पीएलएफ) के मामले में अकासा एयर का प्रदर्शन सबसे अच्छा बना हुआ है। उसकी 92.2 प्रतिशत सीटें जून में भरी गयीं। स्पाइसजेट 87.8 प्रतिशत के साथ दूसरे और एयर इंडिया समूह 85.5 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इंडिगो का पीएलएफ 85.1 प्रतिशत और स्टार एयर का 75 प्रतिशत रहा।

