जयपुर 20 जुलाई (वार्ता) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा है कि तानाशाही पर आमादा मोदी सरकार यह समझ ले कि लाठियों के बल पर न सच को दबाया जा सकता है और न ही न्याय की गूंज को।
श्री गहलोत ने सोमवार को अपने बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की वह कड़ी निंदा करते है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज युवा भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं क्योंकि एक समय पर युवाओं ने बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झूठे प्रचार के जाल में फंसकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पक्ष में वोट किया परन्तु प्रधानमंत्री ने इनकी आवाज को दबाया है।
उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे युवाओं की आवाज़ को कुचलना लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। यह देश बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान और पंडित जवाहर लाल नेहरू के लोकतांत्रिक मूल्यों से चलेगा, न कि भाजपा की तानाशाही से।
