मुंबई, साल 2011 में बॉलीवुड अभिनेत्री लैला खान और उनके पूरे परिवार की रहस्यमयी गुमशुदगी ने देश को झकझोर कर रख दिया था। सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ फिल्म ‘वफा’ में नजर आ चुकीं लैला खान, उनकी मां सेलिना और चार भाई-बहन रातों-रात गायब हो गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि लैला की मां के तीसरे पति परवेज टाक ने संपत्ति के विवाद और करियर की रंजिश के चलते इस निर्मम हत्याकांड की खौफनाक साजिश रची थी।
फार्महाउस पर बेरहमी से हत्या और दफन
साजिश के तहत परवेज टाक ने इगतपुरी स्थित फार्महाउस पर छुट्टियां मनाने के बहाने पूरे परिवार को बुलाया और गहरी नींद में सोते समय अपने साथी के साथ मिलकर लोहे की रॉड से सभी की हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए उसने सभी छह शवों को फार्महाउस पर स्विमिंग पूल के लिए खुदे गड्ढे में ही दफना दिया। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ के बाद कंकाल बरामद किए और टाक को गिरफ्तार किया।
न्यायालय का ऐतिहासिक और सख्त फैसला
एक दशक से अधिक लंबे कानूनी संघर्ष के बाद, साल 2024 में मुंबई की एक सत्र अदालत ने परवेज टाक को इस जघन्य हत्याकांड के लिए ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ मानते हुए मौत की सजा सुनाई। इस खौफनाक अपराध ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत को तार-तार करने वाले ऐसे दरिंदों को कानून की गिरफ्त से कोई नहीं बचा सकता है।

