भोपाल। राष्ट्रीय न्यायिक मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अरुण वर्मा ने बताया कि वर्षों से सीनियर सिटीजनो को रेल्वे रियायती यात्रा सुविधा का लाभ दिया जा रहा था जिसके तहत रेल से यात्रा करने पर 55वर्ष के अधिक उम्र की महिलाओं को रेल्वे टिकट पर 50′ कि छूट (रियायत) एवं 60 वर्ष से अधिक पुरुषों को रेल से यात्रा करने पर रेल टिकट पर 40′ कि छूट अर्थात रियायत दी जाती थी उक्त रियायती यात्रा सुविधा को करोना काल के समय बंद कर दिया गया था और यह कहा गया था कि इसे बाद में पुन: चालू कर दिया जाएगा किंतु करोना काल समाप्त हो जाने के चार वर्षों बाद भी इस रेल्वे रियायती यात्रा सुविधा को बहाल नहीं किया गया है जिसकी वजह से सीनियर सिटीजन पुरुष महिलाओं को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है परिणाम स्वरूप सीनियर सिटीजन कहीं भी यात्रा नहीं कर पाते हैं. न्यायिक मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अरुण वर्मा ने प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री से सीनियर सिटीजन महिला पुरुषों के लिए रेल्वे रियायती यात्रा सुविधा बहाल करने की मांग की है.
