सतना:स्थानीय रेलवे स्टेशन के मुख्य मार्ग और मुख्य द्वार पर छोटे व्यापारियों और ऑटो चालकों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इसके चलते स्टेशन आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका है। स्टेशन के मुख्य गेट के ठीक सामने और पहुंच मार्ग पर फल, सब्जी, चाय और अन्य खाने-पीने के ठेले वालों ने पक्का डेरा जमा लिया है। इस अतिक्रमण की वजह से सड़क की चौड़ाई आधी से भी कम रह गई है। ट्रेन पकड़ने की जल्दी में आने वाले यात्रियों को सामान लेकर निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार तो जाम में फंसने के कारण यात्रियों की ट्रेन तक छूट जाती है।
ऑटो चालकों की मनमानी, प्रवेश द्वार बना ऑटो स्टैंड
समस्या को और गंभीर बना रहे हैं बेतरतीब खड़े होने वाले ऑटो चालक। सवारी बैठाने की होड़ में ऑटो चालक अपनी गाड़ियां सीधे मुख्य द्वार के सामने और सड़क के बीचोबीच खड़ी कर देते हैं। नियमों को ताक पर रखकर बीच सड़क पर गाड़ी रोकने से पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
यात्रियों का कहना है: स्टेशन परिसर में घुसते ही ऐसा लगता है जैसे किसी अव्यवस्थित बाजार में आ गए हों। वीआईपी मूवमेंट या चेकिंग के वक्त तो पुलिस इन्हें हटा देती है, लेकिन उनके जाते ही स्थिति फिर जस की तस हो जाती है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का आरोप है कि नगर निगम और रेलवे जीआरपी पुलिस इस पूरी अव्यवस्था से वाकिफ हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। समय-समय पर सिर्फ औपचारिकता के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है, जिसका कोई स्थायी असर देखने को नहीं मिलता।
