
जबलपुर। चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस इंटर्न और भावी डॉक्टरों ने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के इंटर्न ने देश के विभिन्न राज्यों का तुलनात्मक डेटा जारी कर बताया कि मध्य प्रदेश में इंटन्र्स का आर्थिक शोषण हो रहा है। अन्य राज्यों की तुलना में बेहद कम मिल रहे स्टाइपेंड पर गहरी नाराजगी जताई। अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए इंटन्र्स ने अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की। इसके तहत डॉक्टरों ने एक शांतिपूर्ण पैदल यात्रा का आयोजन किया। यह पदयात्रा पूरी तरह अनुशासित और कॉलेज के कार्य समय के बाद निकाली गई। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि इस दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और शैक्षणिक गतिविधियों में कोई रुकावट नहीं आने दी गई। छात्रों ने अधिष्ठाताओं के माध्यम से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भी सौंपे हैं।
जूडा की प्रमुख मांगें
न्यूनतम 30,000 स्टाइपेंड किया जाए। वर्तमान में मिल रहे 14,337 को तुरंत बढ़ाया जाए। हर साल स्टाइपेंड में महंगाई भत्ता जोड़ा जाए। निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों का भेदभाव खत्म हो। महंगी पढ़ाई के मुकाबले स्टाइपेंड को तर्कसंगत बनाया जाए। मांगों का ज्ञापन तहसीलदार रघुवेन्द्र पटेल को दिया गया ।
