
दमोह। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दमोह सुभाष सोलंकी के कुशल मार्गदर्शन में शनिवार को संपूर्ण जिले में परक्राम्य लिखत अधिनियम (एन.आई. एक्ट.) के अंतर्गत विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया।
विशेष लोक अदालत हेतु अध्यक्ष के द्वारा संपूर्ण जिले में कुल 06 खण्डपीठों का गठन किया गया था, जिसमें पीठासीन अधिकारी के अतिरिक्त 1-1 सुलहकर्ता सदस्य की नियुक्ति की गई थी। आयोजित विशेष लोक अदालत में चैक अनादरण के न्यायालय में लंबित कुल 30 प्रकरण रखे गये थे, जिसमें पक्षकारों की आपसी सहमति के आधार पर कुल 11 प्रकरण निराकृत किये गये, जिसमें कुल 51,67,050 रूपये के अवार्ड पारित किये गये।
विशेष लोक अदालत की खंडपीठ क्रमांक-01 में पंकज कुमार वर्मा, पंचम अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में लंबित दांडिक अपील गोपाल चौरसिया विरुद्ध वीरेन्द्र सिंह का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। यह प्रकरण व्यवसायिक लेन-देन से संबंधित था, जिसे परिवादी वीरेन्द्र सिंह के द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दमोह के न्यायालय में दिनांक 21 अगस्त 2017 को प्रस्तुत किया गया था, जिसमें पारित निर्णय के विरूद्ध सत्र न्यायालय में गोपाल चौरसिया ने दांडिक अपील दिनांक 19 मार्च 2024 को प्रस्तुत की थी, प्रकरण में सुलह की संभावना को देखते हुये न्यायालय द्वारा प्रकरण विशेष लोक अदालत में रखा गया। प्रकरण में दोनों पक्षों को समझाईश दिये जाने पर पक्षकारों के मध्य राजीनामा किया गया तथा सहमति के आधार पर 14,61,250 (चौदह लाख इकसठ हजार दो सौ पचास रुपये) की राशि पर अवार्ड पारित किया गया। प्रकरण में समझौता हेतु अपीलार्थी के अधिवक्ता कमलेश भारद्वाज तथा परिवादी के अधिवक्ता नरेंद्र शुक्ला का विशेष योगदान रहा। इस प्रकार विगत 09 वर्षों से लंबित प्रकरण का अंतिम निराकरण विशेष लोक अदालत के माध्यम से हुआ।
इसी प्रकार खण्डपीठ क्रमांक 2 के पीठासीन अधिकारी श्रीमती दीर्घा ऐरन के न्यायालय में वर्ष 2023 से लंबित प्रमोद तिवारी विरुद्ध दीनदयाल के चैक अनादरण के प्रकरण में भी आपसी सहमति से प्रकरण का निराकरण किया गया। प्रकरण में परिवादी केे अधिवक्ता अरविंद शर्मा तथा अनावेदक के अधिवक्ता गोविंद तिवारी उपस्थित रहे। प्रकरण में 3,00,000 (तीन लाख रुपये) की राशि पर समझौता होकर अवार्ड पारित किया गया।
इसी न्यायालय में वर्ष 2019 से लंबित कृष्ण सोनी विरुद्ध हरीश दुबे के प्रकरण का भी सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इस प्रकरण में परिवादी के अधिवक्ता शोभित गुप्ता तथा अनावेदक के अधिवक्ता पी. आर. पटेल उपस्थित रहे। पक्षकारों के मध्य आपसी समझौता होने पर 5,00,000 रूपये (पांच लाख रुपये) की राशि पर अवार्ड पारित किया गया।
विशेष लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर समझौता किये जाने वाले पक्षकारों को पीठासीन अधिकारी के द्वारा स्मृति के रूप में फलदार पौधों का वितरण किया गया।
