नयी दिल्ली (वार्ता) रबी फसलों में बुवाई का शानदार सिलसिला बना हुआ है और बीते साल की तुलना में इस साल रबी के रकबे में 18.24 लाख हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गयी है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने यहां बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि 23 जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष देश में रबी फसलों की बुवाई में शानदार प्रगति देखी गई है। रबी फसलों का कुल क्षेत्रफल अब 660.48 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह रकबा 642.24 लाख हेक्टेयर था। यह उछाल न केवल कृषि क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि आने वाले समय में देश की खाद्य सुरक्षा के लिए भी एक सुखद संकेत है।
रबी सीजन की सबसे प्रमुख फसल, गेहूं की बुवाई इस बार 334.17 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 6.13 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, धान के रकबे में भी सकारात्मक बदलाव देखा गया है, जो बढ़कर 31.03 लाख हेक्टेयर हो गया है, यानी इसमें 1.80 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। मुख्य खाद्यान्न फसलों में यह बढ़त दर्शाती है कि इस बार देश के अन्न भंडार लबालब भरने वाले हैं।
दलहन के क्षेत्र में भी चने ने अपनी पकड़ मजबूत की है। चने की बुवाई में 4.66 लाख हेक्टेयर का इजाफा हुआ है और इसका कुल क्षेत्रफल 95.88 लाख हेक्टेयर तक जा पहुंचा है। हालांकि, दलहन श्रेणी में ही आने वाली मूंग, मटर और उड़द की बुवाई में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद, मोटे अनाज और तिलहन में तेजी बरकरार है। मक्का का क्षेत्रफल 29.05 लाख हेक्टेयर रहा है। ज्वार पहले से कम बोया गया है जबकि सरसों और सूरजमुखी जैसी फसलों की बुवाई ने भी इस बार रफ्तार पकड़ी है जबकि तिल में मामूली गिरावट देखी गयी है।
