वाशिंगटन, 19 जुलाई (वार्ता) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो 19 से 23 जुलाई तक फिलीपींस की राजधानी मनीला की यात्रा पर रहेंगे, जहां वह दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) की उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने रविवार को यह जानकारी दी। विदेश विभाग के अनुसार, श्री रुबियो अमेरिका-आसियान पोस्ट-मिनिस्टीरियल सम्मेलन, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के विदेश मंत्रियों की बैठक और आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) की विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र के कई देशों के वरिष्ठ अधिकारियों से द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। अमेरिका ने कहा कि यह यात्रा स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने तथा क्षेत्रीय सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने की उसकी विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दौरान अमेरिका-आसियान साझेदारी की प्रगति की समीक्षा के साथ फिलीपींस के साथ व्यापक रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा। फिलीपींस 19 से 24 जुलाई तक आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक, पोस्ट-मिनिस्टीरियल सम्मेलनों और दक्षिण-पूर्व एशिया में मैत्री एवं सहयोग संधि (टीएसी) की 50वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रमों की मेजबानी कर रहा है।
इन बैठकों में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापान और न्यूजीलैंड के प्रतिनिधियों सहित यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री भी भाग लेंगे। बैठकों के इतर क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों मार्को रुबियो, एस. जयशंकर, जापान के तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग की भी बैठक होने की संभावना है। आसियान देशों के विदेश मंत्री क्षेत्रीय सहयोग, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा तथा संगठन की एकता को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठकों का समापन 25 जुलाई को टीएसी की 50वीं वर्षगांठ के समारोह के साथ होगा। आसियान मामलों के लिए फिलीपींस के विदेश विभाग के प्रवक्ता डैक्स इंपीरियल ने कहा कि इन बैठकों से अहम दस्तावेज़ तैयार होने की उम्मीद है, जिनमें एएमएम का संयुक्त बयान और टीएसी देशों एवं आसियान के बीच जुड़ाव को मज़बूत करने के लिए एक नया फ़्रेमवर्क शामिल है।
फिलीपींस की विदेश सचिव मा. थेरेसा लाज़ारो के भी कुछ चुनिंदा विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की उम्मीद है, ताकि आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की जा सके। श्री इंपीरियल ने कहा, “कुल मिलाकर, ये बैठकें बातचीत, सहयोग और क्षेत्रीय शांति के प्रति आसियान की मज़बूत प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, और यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया में काफ़ी अनिश्चितता का माहौल है।”

